जयपुर के खातीपुरा से अब चेन्नई, हावड़ा और गुवाहाटी तक सीधी ट्रेन! तीन नई सेवाओं का प्रस्ताव
जयपुर। जयपुर में यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा आने वाली है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने जयपुर के नए खातीपुरा (KWP) कोचिंग डिपो से देश के तीन अलग-अलग हिस्सों, दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के लिए तीन नई नियमित ट्रेन सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह तीनों प्रस्ताव 24 अगस्त 2026 को संबंधित रेलवे जोन को भेजे गए हैं।
क्यों चुना गया खातीपुरा?
जयपुर के खातीपुरा में नए बने कोचिंग डिपो और कोच केयर कॉम्प्लेक्स की पिट लाइनों का काम पूरा हो चुका है। यहां अब रैक के रखरखाव और जरूरी तैयारी का काम सुचारू रूप से किया जा रहा है। रेलवे का मानना है कि इस नई सुविधा का इस्तेमाल कर नई ट्रेनें चलाने से जयपुर स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और रैक हैंडलिंग का दबाव कम होगा, साथ ही सीधे यात्रियों को फायदा मिलेगा।
1. खातीपुरा-चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस
यह ट्रेन हफ्ते में चार दिन चलेगी। खातीपुरा से यह सोमवार, बुधवार, गुरुवार और रविवार को रवाना होगी, जबकि चेन्नई सेंट्रल (MAS) से गुरुवार, शनिवार, रविवार और बुधवार को चलेगी। इसमें 22 LHB कोच होंगे, जिसके लिए रेलवे बोर्ड से चार रैक की मांग की गई है। यह ट्रेन मदार जंक्शन, गुंटकल, सिकंदराबाद, जोलारपेट्टई जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए कुल 2575.05 किलोमीटर की दूरी लगभग 44 घंटे में तय करेगी।
2. खातीपुरा-हावड़ा एक्सप्रेस
यह ट्रेन प्रतिदिन चलेगी। खातीपुरा से यह शाम 18:40 बजे रवाना होगी और अलवर, मथुरा, न्यू कूचबिहार, आसनसोल जैसे स्टेशनों से गुजरते हुए अगली शाम 21:00 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वापसी में हावड़ा से सुबह 05:00 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 00:30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। कुल दूरी 1594 किलोमीटर होगी और इसके लिए रेलवे बोर्ड से तीन रैक और तीन लोकोमोटिव की मांग की गई है।
3. खातीपुरा-गुवाहाटी एक्सप्रेस
यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। खातीपुरा से यह मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को रवाना होगी, जबकि गुवाहाटी (GHY) से गुरुवार, शनिवार और सोमवार को चलेगी। इसमें भी 22 LHB कोच होंगे, जिसके लिए तीन रैक की जरूरत होगी। यह ट्रेन बीकानेर, बरेली, न्यू कूचबिहार होते हुए कुल 1930 किलोमीटर की दूरी करीब 38 घंटे में तय करेगी।
आगे क्या?
उत्तर पश्चिम रेलवे ने पश्चिम रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, मध्य रेलवे, दक्षिण मध्य रेलवे, दक्षिण तट रेलवे, दक्षिण रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, पूर्व रेलवे और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे सहित सभी संबंधित जोन से इन प्रस्तावों की जांच कर अपनी सहमति और समय-सारणी भेजने का अनुरोध किया है। अगर किसी रूट पर परिचालन संबंधी दिक्कत आती है, तो वैकल्पिक रास्ता सुझाने को भी कहा गया है। यानी अभी यह तीनों प्रस्ताव शुरुआती चरण में हैं, इनकी अंतिम मंजूरी रेलवे बोर्ड से मिलनी बाकी है।
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