प्रतापगढ़-चित्रकूट रूट पर बड़ा बदलाव! दो ट्रेनों का हुआ विलय, कोच भी बढ़े 12 से 24

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के प्रतापगढ़-रायबरेली-कानपुर-चित्रकूट रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन नंबर 14109/14110 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 14123/14124 माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी दे दी है। दोनों ट्रेनें अब मिलकर एक नई ट्रेन नंबर 14123/14124 माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में चलेंगी।

क्या है यह बदलाव?

अभी तक प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं थी, यात्रियों को कानपुर सेंट्रल में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। अब इस विलय के बाद प्रतापगढ़ से सीधे चित्रकूट तक का सफर एक ही ट्रेन में पूरा हो सकेगा। साथ ही इसी आदेश के तहत चार ट्रेनों में कोचों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, ट्रेन नंबर 14123/14124 (अब मर्ज हुई सेवा), 14109/14110 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस, 22441/22442 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और 14101/14102 प्रयागराज संगम-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस में कोचों की संख्या 12 ICF से बढ़ाकर 24 ICF कोच की जाएगी।

नया समय (प्रतापगढ़ से चित्रकूट)

नई मर्ज हुई ट्रेन नंबर 14123 माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से सुबह 04:25 बजे रवाना होगी और चिलबिला, माँ चंद्रिका देवी धाम अंतू, अमेठी, गौरीगंज, कासिमपुर, जायस, फुरसतगंज, रायबरेली, हरचंदपुर, बछरावां, निगोहां, लखनऊ, मानक नगर, उन्नाव होते हुए सुबह 09:40 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद यह भीमसेन, कठारा रोड, पातारा, घाटमपुर, हमीरपुर रोड, यमुना साउथ बैंक, भरवा सुमेरपुर, रगौली, बांदा और अतर्रा होते हुए दोपहर 15:00 बजे चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी।

वापसी का समय (चित्रकूट से प्रतापगढ़)

वापसी में ट्रेन नंबर 14124 चित्रकूटधाम कर्वी से दोपहर 14:40 बजे रवाना होगी और बांदा, रगौली, भरवा सुमेरपुर, यमुना साउथ बैंक, हमीरपुर रोड, घाटमपुर, पातारा, कठारा रोड, भीमसेन होते हुए शाम 17:55 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद उन्नाव, मानक नगर, लखनऊ, निगोहां, बछरावां, हरचंदपुर, रायबरेली, फुरसतगंज, जायस, कासिमपुर, गौरीगंज, अमेठी, माँ चंद्रिका देवी धाम अंतू और चिलबिला होते हुए रात 23:35 बजे माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ पहुंचेगी।

यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है?

इस विलय और कोच वृद्धि से दो बड़े फायदे होंगे। पहला, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी जैसे इलाकों के यात्रियों को अब कानपुर में ट्रेन बदले बिना सीधे चित्रकूट धाम तक जाने की सुविधा मिलेगी। दूसरा, कोच 12 से बढ़कर 24 होने से इन रूटों पर सीटों की उपलब्धता भी काफी बढ़ जाएगी, जिससे भीड़भाड़ और वेटिंग लिस्ट की समस्या कम हो सकती है।

आगे क्या?

यह बदलाव एडवांस रिजर्वेशन पीरियड से लागू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इसे 'अत्यंत जरूरी' मामला बताते हुए जरूरत पड़ने पर उद्घाटन ट्रेन को स्पेशल सेवा के तौर पर चलाने और इसकी व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। यानी अब सिर्फ औपचारिक क्रियान्वयन बाकी है, यह मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।