नई दिल्ली। हरिद्वार जाने वाले यात्रियों के लिए जल्द अच्छी खबर आ सकती है। पश्चिम रेलवे (WR), उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) और उत्तर रेलवे (NR) के अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड से बांद्रा टर्मिनस/मुंबई सेंट्रल-हरिद्वार और अहमदाबाद-हरिद्वार रूट पर नई ट्रेन टाइमिंग को लेकर विचार-विमर्श का अनुरोध किया है। यह मामला 30 जुलाई 2026 को रेलवे बोर्ड स्तर पर उठाया गया था और अब इस पर चर्चा पूरी हो चुकी है।
दो रूटों पर फोकस
पहला प्रस्ताव बांद्रा टर्मिनस/मुंबई सेंट्रल (BDTS/MMCT) से हरिद्वार (HW) के बीच नई ट्रेन टाइमिंग को लेकर है। दूसरा प्रस्ताव अहमदाबाद (ADI) से हरिद्वार (HW) के बीच नई ट्रेन टाइमिंग से जुड़ा है। दोनों ही रूट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद अहम माने जाते हैं, क्योंकि हरिद्वार हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है।
क्यों अहम है यह मामला?
मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े महानगरों से हरिद्वार के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है। कांवड़ यात्रा, चार धाम यात्रा और गंगा स्नान जैसे मौकों पर इन रूटों पर मौजूदा ट्रेनों में भारी वेटिंग लिस्ट देखी जाती रही है। ऐसे में तीन अलग-अलग जोन के अधिकारियों का एक साथ इस विषय को रेलवे बोर्ड के सामने रखना इस बात का संकेत है कि यात्री सुविधा बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से काम हो रहा है।
अभी क्या पता है, क्या नहीं
फिलहाल इन नई सेवाओं के रूट, ठहराव, ट्रेन नंबर या साप्ताहिक शेड्यूल से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जो जानकारी सामने आई है, उसमें सिर्फ इतना स्पष्ट है कि तीनों जोन ने इन दो रूटों पर नई टाइमिंग को लेकर रेलवे बोर्ड से संपर्क किया है। बोर्ड स्तर पर इस विषय को प्राथमिकता के साथ लिया गया, जो आमतौर पर तब होता है जब मामला जल्द किसी नतीजे की ओर बढ़ रहा हो।
यात्रियों के लिए क्या मायने रख सकता है?
अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो मुंबई और अहमदाबाद से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को नई कनेक्टिविटी का विकल्प मिल सकता है। खासकर उन यात्रियों के लिए यह राहत की बात हो सकती है, जो अभी सीमित ट्रेनों और लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण टिकट बुक करने में परेशानी झेलते हैं। हालांकि जब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक ट्रेन के दिन, समय या ठहराव को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी जा सकती।
आगे क्या?
रेलवे में इस तरह के प्रस्ताव आमतौर पर जोनल रेलवे की सिफारिश, परिचालन व्यवहार्यता की जांच और फिर रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी, इन चरणों से गुजरते हैं। तीन जोन का एक साथ इस मुद्दे को उठाना और इसे रेलवे बोर्ड में प्राथमिकता मिलना, इस बात का इशारा जरूर करता है कि इन दोनों रूटों पर घोषणा बहुत दूर नहीं है। जैसे ही आधिकारिक जानकारी सामने आती है, रूट, टाइमिंग और ट्रेन नंबर से जुड़ा पूरा विवरण साझा किया जाएगा।
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