चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस को मिला स्थायी दर्जा! रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) की एक अस्थायी सेवा को अब स्थायी ट्रेन का दर्जा मिल गया है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन नंबर 07075/07076 चारलापल्ली-गोरखपुर टीओडी (TOD) स्पेशल को नियमित करते हुए इसे नया ट्रेन नंबर 22075/22076 चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में मंजूरी दे दी है। यह आदेश दक्षिण मध्य रेलवे, मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे, सभी संबंधित जोन को भेज दिया गया है।

कब और कैसे चलेगी यह ट्रेन?

ट्रेन नंबर 22075 चारलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस हर शुक्रवार चारलापल्ली से रवाना होगी और रविवार को गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 22076 गोरखपुर-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस हर सोमवार गोरखपुर से चलेगी।

रास्ते में कहां-कहां रुकेगी?

इस ट्रेन के वाणिज्यिक ठहराव काजीपेट, पेद्दापल्ली, मंचिर्याल, बालहर्षा, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ओरई, पोखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमतीनगर, बाराबंकी और गोंडा पर होंगे। यानी यह ट्रेन तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से तक के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी देगी।

रैक और रखरखाव की जानकारी

इस ट्रेन में अमृत भारत रेक का इस्तेमाल होगा, जो ट्रेन नंबर 17042/17041 चारलापल्ली-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ अमृत भारत एक्सप्रेस के लाई-ओवर रेक के रूप में काम करेगा। प्राइमरी मेंटेनेंस चारलापल्ली में आरबीपीसी (RBPC) सुविधा के साथ किया जाएगा।

सफाई के लिए चारलापल्ली-गोरखपुर दिशा में नागपुर, इटारसी और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी में स्टॉप होंगे, जबकि गोरखपुर-चारलापल्ली दिशा में ऐशबाग, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और नागपुर में सफाई होगी। पानी भरने के लिए चारलापल्ली-गोरखपुर दिशा में बालहर्षा, नागपुर, इटारसी, भोपाल, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और कानपुर सेंट्रल में ठहराव होगा, जबकि वापसी में ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, भोपाल, इटारसी, नागपुर और बालहर्षा में पानी भरा जाएगा।

आगे क्या?

रेलवे बोर्ड ने इसे 'अत्यंत जरूरी' मामला बताते हुए संबंधित जोन को एडवांस रिजर्वेशन पीरियड से इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर उद्घाटन ट्रेन को एक स्पेशल सेवा के तौर पर भी चलाया जा सकता है, जो बाद में अपने नियमित लिंक से जुड़ जाएगी। यानी अब सिर्फ औपचारिक क्रियान्वयन बाकी है, इस नियमितीकरण को मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।